Headlines
Loading...
19- ईशान में जल किस प्रकार सन्तान के याग को भंग करते है जाने...

19- ईशान में जल किस प्रकार सन्तान के याग को भंग करते है जाने...

 


4. यदि किसी के पास यह इनफॉर्मेशन होती कि भईया यह इैषान का कोना है और यह कोना आपको सन्तान का सुख नही मिलने देगा आपकी कुण्डली में बच्चे का योग है आपकी मेडिकल रिपोर्ट नॉर्मल है। तो आप किसी दूसरे कमरे ष्फिट हो जाओ आपका काम हो जायेगा बस इतनी सी इनफोर्मेशन देनी थी उनका समय भी बचता, और उन्हे सन्तान सुख भी मिल जाता।    क्योंकि जल में बेठ करके आप अग्नि से कोई भी काम नही करा सकते हों क्योंकि शरीरिक सुख का मतलब है अग्नि और आपने जल में आ करके उस अग्नि को ठण्डा कर दिया हैं तो आप इस अग्नि से कोई भी काम नही ले सकते हो। क्यांकि गर्भ धारण करने के लिये अग्नि की जरूरत पडती है। गर्भ को परिपक्क करने के लिये भी अग्नि की जरूरत पडती है गर्भ को परिपक्क करना भी अग्नि का ही काम है। जिस प्रकार मुर्गी अपने अण्डे पर बेठकर क्या करती है वह अपने गर्भ को परिपक्क करने के लिये उसे गर्मी प्रदान करती है। उसे अग्नि प्रदान करती है।  तो ईशIन कोने में बच्चे का योग नही है यदि बच्चे का योग बनेगा भी तो या तो गर्भ गिर जायेगा, या अबोर्सन हो जायेगा यदि किसी को बच्चो हो गया तो उसकें कोई न कोई विकृति जरूर आयेगी, वह विकलांग हो सकता है, वह मन्दबुद्धि हो सकता है आदि आदि।... यहा पर पेदा होने बाला बच्चा सदेव भयग्रस्त रहता है। पटाके दूर चल रहे है और डर उसे लग रहा है। तो हमे इस कोने में बच्चे का योग नही बनाना है।

0 Comments: