नैऋत्य में रसोई
जेसा कि हमने बताया कि नैऋत्य कोना सवसे पॉवरफुल कोना है और यहा पर आपको सोना चाहिये जव आपने यहा पर रसोई बना दी है, तो आपने यहा पर अपने सोने की व्यवस्था को खत्म कर दिया है। तो यदि रसोई इस कोने में है। स्त्रि जो वेसे ही शक्ति का स्वरूप है, सारी उर्जा का जो स्त्रोत है वह स्त्रि है, तो स्त्रि तो वेसे ही शक्तिषाली है, उसके अन्दर नेचुरली ही एक उर्जा होती है जो उसे शक्तिषाली बनाती है, और अव वो आदमी के कोने में आ गई है। क्योंकि रसोई में स्त्रि का 6 से 8 घण्टे डेली व्यतीत होते है। तो उसके पास खुद की पॉवर तो है ही साथ में राहु देव की पॉवर भी उसे मिल रही है और साथ में गुरू की दृष्टि की पॉवर उसे मिल रही है और पृथ्वी तत्व की पॉवर उसे मिल रही है तो वह इनता सारा पॉवर ले रही है। तो जव यह स्त्रि इतनी पॉवर लेकर अपने बेडरूम में सोने जायेगी, जव रसोई नैऋत्य में हो तो इसका बेडरूम अग्नि, वायु, ईषान में ही होगा। तो जव यह अग्नि के बेडरूम में सोने जायेगी तो पति पत्नि मे तनाव तो होता है लेकिन अग्नि कोने मे तनाव थोडा जादा होता है। तो अग्नि कोने में जहां अग्नि जादा है और तनाव भी जादा है और स्त्रि नैऋत्य की सारी शक्ति लेकर अग्नि में सोने आती है और पति पत्नि में किसी बात को लेकर तनाव हो गया है तो वह स्त्रि अपने पति पर चढाई कर देगी, पति भी गुस्सा दिखायेगा क्यांकि वह भी अग्नि कोने में बेठा है लेकिन पति को वहा से जाना ही पडेगा भागना ही पडेगा चाहे वहा से जाकर दूसरे कमरे में बेठ जायेगा। उसका कमरे का गेट वायु में है और उसके घर का गेट भी वायु में है तो वह धण्टे दो धण्टे के लिये वाहर चला जायेगा, पत्नि भी बाहर जा सकती है दूसरे कमरे में जा सकती है विना बताये घर से जा सकती है और पति उसे यहा वहा ढूंढता फिर रहा है। आपने कई ऐसे घर देखे होगें जहां पर केवल पत्नि की ही चलती है पति अपनी पत्नि से डर कर रहता है। यदि आपके घर में रसोई नैऋत्य में है तो वहा पर आपको ऐसी व्यवस्था जरूर मिलेगी।
यदि इषान में बेडरूम है तो उसमें सोने बाला आदमी तो वेसे ही गया क्योंकि यह वेसे ही कमजोर कोना है और जव स्त्रि नैऋत्य की सारी शक्ति लेकर इषान में सोने आती है तो उस पति की तो खैर नही है। वह तो उसके आते ही चुप्पी लगा लेगा कि मेने कुछ कहा नही कि इसने ताण्डव किया, वस वो चुपचाप पडा रहता हैं। ऐसे व्यक्ति से नाई यह पूछे कि वावूजी कितने बाल काट दूं तो यह कहेगा इतने तो काट ही दें कि अन्टी पकडे तो उसके हाथ न आये।
तो यदि नैऋत्य में रसोई है तो उस घर में स्त्रि की ही चलती है। क्योंकि वो उस घर की सवसे जादा पॉवरफुल मैम्बर बन जाती है।

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