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4- वास्तु देवता कब शुभ व अशुभ प्रभाव दिखाते है जाने...

4- वास्तु देवता कब शुभ व अशुभ प्रभाव दिखाते है जाने...

 


वास्तु प्रभाव के नियम :- वास्तु के जो नियम है वह युगो से चले आ रहे है और वो शुरू से आज तक वही के वही है और उनके रिजल्ट भी वही के वही है। यह नियम इतने स्ट्रोंग है कि यह 2 साल, 7 साल, 15साल के बाद स्वतः ही जाग्रत हो जाते है। और आपको शुभ अषुभ फल देते है। 



प्रशन :- वास्तुदोश 2साल, 7 साल, 15साल के बाद ही क्यों जाग्रत होता है? उससे पहले क्यों जाग्रत नही होता है?

उत्तरः- तो हर उर्जा की एक अपनी प्रकृति होती है, उर्जाऐं अपनी प्रकृति के हिसाब से की काम करती है। जेसे रावण को मारना है। तो भगवान तो उसे विना कुछ किये ही उसे मार देते भगवान किसी को मारना चाहे तो उन्हे पृथ्वी पर आने की जरूरत थोडी पडती है, लेकिन फिर भी भगवान राम के रूप में पृथ्वी पर आये आपना बचपन व्यतीत किया फिर 14 साल बनवास में गये फिर माता सीता का हरण हुआ फिर बानर सेना की सहायता ली फिर लंका गये तव जाकर रावण को मारा। शुभ अशुभ उर्जाओ की यह  एक साईकिल है उनका एक चक्र है उनका ऐसा केरेक्टर होता है। तो देवो का ऐसा ही केरेक्टर है कि वो ऐसे ही काम करते है, भाई रावण को मारना था तो भगवान फट से गला दवा कर मार डालते लेकिन नही वो पूरी एक योजना के तहत होत है और उसमें भी विघ्न आयेगें उनका भी निवारण होगा और योजना आगे बढती जायेगी। तो देवो के नियम है ऐसे, ऐसे ही हर उर्जा के नियम है उन्हे उस की तरह से काम करना है, तो वास्तु जो है उसमें जो नेगेटिव उर्जा है वो अपनी प्रकृति के अनुसार 2साल, 7साल, 15 साल, 20साल के बाद ही जाग्रत होती है। और होगी, तो उनका अपना केरेक्टर है अपनी प्रोपर्टि है अपना तरीका है, तो उनका जो काम करने का तरीका है उसमें यह अवधि आती ही है और यह अवधि हमे देखने को जरूर मिलेगी।



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