अव हमने बात की, कि नैऋत्य में सोना चाहिये लेकिन किसे सोना चाहिये?
1. अव हमने बात की, कि नैऋत्य में सोना चाहिये लेकिन नैऋत्य में किसको सोना चाहिये, घर के मुखिया को यहा सोना चाहिये, घर का जो कमाउ व्यक्ति है उसे यहा जरूर सोना चाहिये चाहे वह घर का बडा बेटा हो या बाप हो या कोई भी घर का वह व्यक्ति जो कमाउ हो उसे यहा पर सोना चाहिये।
2. यदि पिताजी घर के कमाउ व्यक्ति है तो पिताजी को यहा पर सोना चाहिय यदि पिताजी रिटायर हो गये है तो उन्हे यह स्थान अपने उस बेटे को देना चाहिये जो अव इस घर का मुख्य कमाउ व्यक्ति बनने बाला है, अपने उस बेटे को वह वास्तु देना चाहिय जिससे उसका प्रगति का मार्ग प्रसस्त हो।
उदाहरण :- कई बार घरवाले बताते है कि बेटे ने एम.बी.ए. कर लिया है लेकिन वह केवल 8-10 हजार महिने ही कमा पाता है हमारा घर तो पिताजी की पैन्सन से ही चल रहा है तो जो बेटा 50 हजार कमा सकता है जिसे 50 हजार कमाना चाहिय वह केवल 8-10 हजार की नोकरी ही कर पा रहा है क्योंकि वह ईषान में सो रहा है और ईषान का वास्तु उसे सपोर्ट नही कर रहा है। और पिताजी नैऋत्य में सो रहे है। तो जव पिताजी रिटायर हो गये है तो उनकी पेन्सन तो फिक्स है वो तो आनी ही आनी है तो उन्हे अपना स्थान छोड का ईषान में चले जाना चाहिये और अपने बेटे को नैऋत्य का स्थान सोने के लिये देना चाहिये ऐसा करने से आप देखोगें कि वह बेटा 6-7 महिनों में धीरे धीरे प्रगति करता जायेगा और अपनी 40-50 हजार तक पहुच जायेगें क्योंकि यहा का वास्तु उसकी सहायता करेंगा उसके लिये नये नये मार्ग खोलेगा।

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